जनता कर्फ्यूः कोरोना से लड़ाई में जुटे बनारस के लोग, शनिवार को ही दिखा बाजारों में सन्नाटा

जनता कर्फ्यूः कोरोना से लड़ाई में जुटे बनारस के लोग, शनिवार को ही दिखा बाजारों में सन्नाटा


कोरोना को हराने के लिए लोगों के बीच दूरियां कितनी जरूरी है यह बनारस के लोग जान चुके हैं। उन्हें पता चल चुका है कि कोरोना को हराने के लिए जनता कर्फ्यू बेहद जरूरी है। लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का साथ देने की ठान ली है। जनता कर्फ्यू रविवार को होना है लेकिन शनिवार को ही ज्यादातर जगहों पर सन्नाटा दिखाई दिया। 


शनिवार को मुख्य बाजारों रास्तों पर भी आम दिनों की तुलना में 50 फ़ीसदी कम भीड़ रही। सब्जी मंडियों, गल्ला और किराना की दुकानों पर लोग जरूरत के सामान इकट्ठा करने में जुटे रहे। नई सड़क, बेनिया, कबीर चौरा, मैदागिन, बुलानाला, चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, लक्सा, भेलूपुर में चहल-पहल कम दिखी। सभी जगह लोगों में रविवार के जनता कर्फ्यू की चर्चा सुनने को मिली। विशेश्वरगंज, सुंदरपुर, चेतगंज की सब्जी मंडी में आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ रही। काशी विश्वनाथ मंदिर समेत महामृत्युंजय महादेव मंदिर व अन्य प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश न होने के कारण धार्मिक स्थलों के आसपास सन्नाटा रहा। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी सुबह से लोगों को जनता कर्फ्यू के प्रति जागरूक किया गया। 


जनता कर्फ्यू के समर्थन में बजे घंटा घड़ियाल
प्रधानमंत्री के आह्वान पर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने शनिवार को घंटा घड़ियाल बजाकर जागरूकता फैलाई। इससे पूर्व व्यापारियों ने बैठक में जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की रणनीति भी बनाई।  व्यापार मंडल ने तय किया कि 22 मार्च को सभी दुकानें बंद रखी जाएंगी। दशाश्वमेध व्यापार मंडल से जुड़े दुकानदार रविवार शाम पांच बजे अपनी दुकानों के सामने घंटा घड़ियाल और शंख बजाकर राष्ट्र नायकों का सम्मान भी करेंगे। बैठक में अध्यक्ष दिलीप तुलस्यानी, महामंत्री सुरेश तुलस्यान, महेश झुनझुनवाला, संरक्षक अशोक जायसवाल, श्रीनारायण खेमका, ओमप्रकाश सेवारामानी, सुशील मोहनानी, मन्नू जसवानी, अनु सेठ, विनय यादव, भगवानदास जाजानी, जय किशन खत्री आदि उपस्थित थे। 


घाट वॉक ने भी किया जनता कर्फ्यू का समर्थन
जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हुए शनिवार को  घाट वॉक के दौरान जागरुकता अभियान चलाया गया। इसके तहत पंडा, पुजारी, डोम, बच्चों को साबुन का वितरण किया गया। साथ ही कल सुबह 7 बजे से शाम 9 बजे तक घर से न निकलने की अपील करते हुए बार-बार हाथ धोने का सही तरीका बताया गया। समाज संगठन के सेक्टर वार्डन एवं वरिष्ठ घाट वॉकर जितेंद्र कुशवहा ने सबको कर्फ्यू की सफलता की शपथ भी दिलायी। इसके साथ ही ख्यात न्यूरोलॉजिस्ट व सर सुन्दरलाल अस्पताल के पूर्व एमएस प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। कोरोना से हम आसानी से लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ रहकर और आसपास सफ़ाई रखकर कोरोना से बचा जा सकता है। यदि जनता कर्फ्यू के दौरान किसी को चिकित्सकीय सलाह की जरूरत है, तो वह हमसे संपर्क कर सकता है। जागरूकता कार्यक्रम में शैलेश तिवारी, शिव विश्वकर्मा, पुष्करनाथ थर्मट, गोविन्द सिंह, संदीप सैनी, अरविन्द सिंह पटेल सहित घाट वाक की टीम मौजूद रही।


शहर की हस्तियों ने भी लोगों से अपील की है कि कोरोना के फैलाव को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग एक दूसरे के सम्पर्क में न आएं। इसके संचरण की समस्या गम्भीर है, कयोंकि बहुतायत में इस रोग से संक्रमित होने वालों के इलाज की दिक्कत हो सकती है। इसलिए जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में सहयोगी बने। 


कोरोना को हराने के लिए जनता कर्फ्यू वैज्ञानिकता की कसौटी पर कसा उपाय है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को जो संदेश दिया है, उसे पूरा करने की जिम्मेदारी देशवासियों की है। कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सभी अपनी नैतिक जिममेदारी को निभाएं। 
-प्रो. राकेश भटनागर, कुलपति बीएचयू


जनता कर्फ्यू का संदेश कोरोना को हराने का संकल्प है। सोशल डिस्टेंस बनाकर इस रोग के फैलाव पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। रविवार को लोगा अपने घरों में रहें। एक-दूसरे के सम्पर्क से बचे। संचारी रोग होने के चलते इस संक्रमण का प्रसार तेजी से होता है। इसलिए बचाव करने में जन सहभागिता जरूरी है। 
-प्रो. पीके जैन, निदेशक, आईआईटी बीएचयू


कोरोना को ना कहने के लिए प्रधानमंत्री का जनता कर्फ्यू का आइडिया एक संदेश है। इसके जरिए लोग न सिर्फ इस बीमारी को हराने के लिए एकजुट होंगे, बल्कि आपदा से लड़ने के लिए अपनी सहभागिता पुष्ट करेंगे। हम सभी का दायित्व है कि इसे मिलकर सफल बनाए और सुरक्षित रहें। 
-प्रो. टीएन सिंह, कुलपति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ


कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। जनता को भी इसमें अपनी सहभागिता देनी होगी। संकट के इस घड़ी में सूझ बूझ व एकजुटता ही इस संक्रमण के व्यक्तिगत स्तर पर जनता की सहभागिता की उम्मीद है। जनता इसे सफल बनाने में सहयोग करे।